विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कालाघाट क्षेत्र के बजरोल में एहसास संस्था और मिशन कर्तव्य की टीम ने संयुक्त रूप से तालाब सफाई अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस पहल का उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण, वनाग्नि की घटनाओं पर नियंत्रण तथा वन्यजीवों के लिए पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
संस्था के सदस्यों ने बताया कि बजरोल स्थित यह तालाब वर्षों पहले बनाया गया था, लेकिन समय के साथ इसमें मिट्टी, पत्तियां और अन्य कचरा जमा हो जाने के कारण इसकी जल संग्रहण क्षमता प्रभावित हो गई थी। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर संस्था के स्वयंसेवकों ने तालाब की सफाई कर उसमें जमा गाद और कचरे को हटाने का कार्य शुरू किया, ताकि आगामी वर्षा ऋतु में अधिक मात्रा में पानी संग्रहित किया जा सके।
संस्था की अध्यक्ष श्वेता शर्मा ने बताया कि जंगलों में बढ़ती आग की घटनाओं को देखते हुए ऐसे तालाब बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं। आग लगने की स्थिति में इन जल स्रोतों का पानी तत्काल उपयोग में लाकर आग पर नियंत्रण पाया जा सकता है। इसके अलावा, तालाबों में संचित पानी वन्यजीवों की प्यास बुझाने के साथ-साथ क्षेत्र के भूजल स्तर को भी रिचार्ज करने में सहायक होगा।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि जल संरक्षण भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। संस्था का लक्ष्य आने वाले समय में सोलन के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित पुराने तालाबों का पुनर्जीवन करना तथा आवश्यकता अनुसार नए तालाबों का निर्माण करवाना है।
स्थानीय लोगों ने संस्था की इस पहल की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण, वनाग्नि रोकथाम और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक दूरदर्शी एवं सराहनीय प्रयास बताया। उनका मानना है कि ऐसे प्रयास भविष्य में जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
सोलन : विश्व पर्यावरण दिवस पर तालाब पुनर्जीवन अभियान, वनाग्नि रोकथाम और वन्यजीव संरक्षण की पहल