जिला सोलन की प्रमुख सब्जी मंडियों में इन दिनों लहसुन और प्याज की नई फसल की आवक तेज हो गई है। मंडी में बड़ी मात्रा में लहसुन पहुंचने से जहां व्यापारिक गतिविधियां बढ़ी हैं, वहीं कीमतों में आई मामूली गिरावट ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है, ऐसे में फसल का उचित मूल्य मिलना बेहद जरूरी है।
गांव गछोग (लछ) निवासी किसान तीर्थराम ने बताया कि लहसुन का सीजन इस समय पूरे शबाब पर है और प्रतिदिन बड़ी मात्रा में फसल मंडी पहुंच रही है। सीजन की शुरुआत में लहसुन के दाम लगभग 150 रुपये प्रति किलो तक पहुंचे थे, लेकिन आवक बढ़ने के साथ अब कीमतों में कमी देखने को मिल रही है। वर्तमान में लहसुन 80 से 130 रुपये प्रति किलो के बीच बिक रहा है। उन्होंने बताया कि बाजार की स्थिति का आकलन करने के लिए वह स्वयं 15 कट्टे लहसुन लेकर मंडी पहुंचे थे।
तीर्थराम के अनुसार इस वर्ष लहसुन की फसल का उत्पादन और गुणवत्ता मिश्रित रही है। कुछ किसानों को अच्छी उपज मिली है, जबकि कई स्थानों पर फसल बीमारियों और प्रतिकूल मौसम के कारण प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि समय पर बारिश न होने से खेतों में नमी की कमी बनी हुई है, जिसका असर टमाटर, मिर्च और बीन जैसी आगामी फसलों पर भी पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में रोगों के प्रकोप से किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
किसानों का कहना है कि खेती ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है और मंडी में फसल का उचित मूल्य मिलना उनकी मेहनत का प्रतिफल होता है। आने वाले दिनों में मंडी में लहसुन की आवक और बढ़ने की संभावना है, ऐसे में किसानों की नजरें मौसम और बाजार भाव पर टिकी हुई हैं।
