सोलन जिले में मौसम के लगातार बदलते मिजाज ने किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। कभी तेज धूप तो कभी अचानक हो रही बारिश के कारण कृषि गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। किसानों का कहना है कि मौसम की अनिश्चितता का सीधा असर फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन पर पड़ सकता है।
स्थानीय निवासी शीशपाल ने बताया कि इन दिनों क्षेत्र में लहसुन की खुदाई का कार्य चल रहा है। ऐसे समय में यदि लगातार या तेज बारिश होती है तो तैयार फसल को भारी नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि कई किसानों की फसल खेतों में तैयार खड़ी है और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां उनकी मेहनत पर पानी फेर सकती हैं।
उन्होंने बताया कि लहसुन के अलावा टमाटर और बीन जैसी नकदी फसलें भी मौसम की मार झेल रही हैं। इन फसलों को बेहतर उत्पादन के लिए संतुलित तापमान और समय पर वर्षा की आवश्यकता होती है। मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव से फसलों की वृद्धि प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
किसानों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में मौसम सामान्य नहीं हुआ तो उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इससे न केवल फसल की गुणवत्ता प्रभावित होगी, बल्कि किसानों को मंडियों में उचित मूल्य मिलने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।
शीशपाल ने कहा कि कृषि पूरी तरह मौसम पर निर्भर है और वर्तमान परिस्थितियों ने किसानों के सामने अनिश्चितता की स्थिति पैदा कर दी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में मौसम अनुकूल रहेगा, जिससे किसानों की फसलें सुरक्षित रह सकें और उन्हें अपनी मेहनत का उचित प्रतिफल मिल सके।
मौसम में लगातार हो रहे बदलावों के बीच जिले का किसान वर्ग फिलहाल आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठा है और बेहतर मौसम की उम्मीद कर रहा है।