नगर निगम सोलन में पानी की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। शहर के कई इलाकों में लोगों को पांच-पांच दिन बाद पानी मिल रहा है, जबकि सप्लाई हो रहा पानी भी गंदा और दुर्गंधयुक्त होने के कारण लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। इस मुद्दे पर गंज बाजार (लोअर बाजार) के निवासी अमरदीप पांजा और व्यवसाई मनीष साहनी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
अमरदीप पांजा ने बताया कि पहले तीन से चार दिन में पानी की आपूर्ति हो जाती थी, लेकिन अब पांचवें दिन पानी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सप्लाई हो रहा पानी मिट्टी और गंदगी से भरा होता है, जिसे सीधे पीना स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है। आगामी शूलिनी मेले और शहर में आने वाले मेहमानों को देखते हुए उन्होंने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है।
व्यवसाई मनीष साहनी ने कहा कि नगर निगम बनने के बाद भी पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोलन जैसे महत्वपूर्ण जिला मुख्यालय की लगातार अनदेखी की जा रही है। साहनी के अनुसार, आईपीएच विभाग पिछले कई वर्षों से पाइपलाइन सुधार के लिए 68 करोड़ रुपये की जरूरत बता रहा है, लेकिन अब तक बजट उपलब्ध नहीं कराया गया।
उन्होंने कहा कि विभाग पानी की कमी के लिए कभी ट्रांसफार्मर खराब होने, कभी सिल्ट आने और कभी मोटर जलने जैसे कारण बताता है। वर्तमान स्थिति में लोगों को 1500 रुपये तक खर्च कर निजी टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। बढ़ती आबादी और निगम क्षेत्र के विस्तार के बीच अब शहरवासी जल संकट के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।