सोलन: नगर निगम चुनावों की घोषणा के साथ ही शहर में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। आगामी 17 मई को होने वाले मतदान को लेकर जहां राजनीतिक दल सक्रिय हैं, वहीं स्थानीय व्यापारियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने चुनाव प्रक्रिया और शहर की मूलभूत समस्याओं को लेकर अपनी स्पष्ट राय सामने रखी है।
स्थानीय नागरिक सुधीर आहूजा ने पार्टी आधारित चुनाव प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि टिकट वितरण में समाजसेवा के बजाय राजनीतिक प्रभाव को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि वार्ड नंबर 11 से कांग्रेस प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल कर दिया है, जबकि भाजपा में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। उनका मानना है कि इस व्यवस्था में आम आदमी की भागीदारी सीमित हो जाती है और केवल राजनीतिक व्यक्तियों को ही अवसर मिलता है।
वहीं व्यापारी सुशील शर्मा ने शहर की प्रमुख समस्याओं—कूड़ा प्रबंधन और पार्किंग—को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शाम के समय कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लग जाते हैं, जिन्हें आवारा पशु सड़कों पर फैला देते हैं, जिससे गंदगी और असुविधा बढ़ती है। विशेषकर वार्ड नंबर 7 के अमृतसर क्लॉथ हाउस और लकड़ बाजार क्षेत्र में स्थिति गंभीर बनी रहती है।
पार्किंग की कमी को भी बड़ी समस्या बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके चलते ट्रैफिक जाम आम बात हो गई है। उन्होंने नई नगर निगम से पार्किंग व्यवस्था को प्राथमिकता देने की मांग की। साथ ही, पार्षदों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण और पात्रता तय करने की जरूरत पर बल दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम को राजनीति से ऊपर उठकर विकास और जनहित के मुद्दों पर कार्य करना चाहिए।