स्वास्थ्य विभाग सोलन द्वारा टीबी (क्षय रोग) उन्मूलन कार्यक्रम की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें डॉ. राजेश कुलरी ने विशेष रूप से भाग लेकर जिले में चल रही गतिविधियों का जायजा लिया। बैठक में टीबी नियंत्रण को लेकर भविष्य की रणनीतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के उपरांत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) सोलन ने जानकारी दी कि भारत सरकार द्वारा जारी सूची के आधार पर जिले में कई उच्च जोखिम और संवेदनशील गांवों की पहचान की गई है। इन क्षेत्रों में टीबी के प्रभावी नियंत्रण के लिए अब विशेष अभियान चलाया जाएगा।
सीएमओ ने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक लोगों तक जांच सुविधा पहुंचाने के लिए निक्षय शिविरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। अब ये शिविर प्रत्येक रविवार और राजपत्रित अवकाश के दिन भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिकतम आबादी को कवर किया जा सके। शिविरों में लोगों का पंजीकरण, एक्स-रे तथा आवश्यकता अनुसार बलगम की जांच की जाएगी। साथ ही, जिन लोगों में लक्षण नहीं हैं, लेकिन संक्रमण का खतरा अधिक है, उन्हें टीबी प्रिवेंटिव दवा भी दी जाएगी।
बैठक में सैंपलिंग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। सीएमओ ने बताया कि जिन स्वास्थ्य केंद्रों में बलगम जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां से भी सैंपल एकत्र कर अन्य केंद्रों में जांच के लिए भेजे जाएंगे और रिपोर्ट संबंधित मरीज तक पहुंचाई जाएगी।
उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी को लंबे समय से खांसी, वजन में कमी, बुखार या अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत जांच करवाएं। विशेष रूप से मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कैंसर और किडनी रोग से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
सोलन: टीबी उन्मूलन को लेकर सोलन में समीक्षा बैठक, उच्च जोखिम वाले गांवों पर विशेष अभियान