नगर निगम चुनावों के बीच वार्ड नंबर 7 में विकास कार्यों की टाइमिंग को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्थानीय निवासी मनोज रघुवंशी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि जो कार्य वर्षों से लंबित थे, उन्हें अब चुनाव नजदीक आते ही तेजी से शुरू किया गया है।
उन्होंने कहा कि वार्ड में लंबे समय से नालियों के निर्माण और सड़कों की मरम्मत जैसे कार्य अधूरे पड़े थे, लेकिन अब अचानक इन्हें युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। उनके अनुसार यह स्थिति इस बात को दर्शाती है कि विकास कार्यों को प्राथमिकता के बजाय चुनावी लाभ से जोड़कर देखा जा रहा है।
मनोज रघुवंशी ने पूर्व में दिए गए प्रशासनिक कारणों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बीते समय में अक्सर यह कहा जाता था कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद ठेकेदार उपलब्ध नहीं हैं या फिर धनराशि की कमी है। अब अचानक न केवल फंड उपलब्ध हो गया, बल्कि टेंडर भी स्वीकृत हो गए और कार्य शुरू हो गए हैं।
उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे इन परिस्थितियों को समझें और जागरूक रहें। उनका कहना है कि यदि विकास कार्य वास्तव में प्राथमिकता होते, तो इन्हें पहले ही पूरा कर लिया जाता, न कि चुनाव के समय। इस मामले ने क्षेत्र में चर्चा को तेज कर दिया है और लोग प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाने लगे हैं।