फीस वृद्धि और छात्र हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। सोलन में एसएफआई के जिला सचिव रोहित प्रधान ने कहा कि छात्रों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है, जिसे संगठन किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने अन्य छात्र संगठनों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए उनके रवैये को ढुलमुल करार दिया।
रोहित प्रधान ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में फीस वृद्धि का सीधा असर विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर पड़ रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा हासिल करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने सरकार से फीस वृद्धि पर तत्काल रोक लगाने और छात्र हित में ठोस कदम उठाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि एसएफआई केवल फीस वृद्धि के मुद्दे तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के युवाओं से जुड़े रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं के लंबित मामलों को लेकर भी आवाज उठा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से कई परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर युवाओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इससे हजारों युवा प्रभावित हो रहे हैं।
रोहित प्रधान ने कहा कि सरकार को युवाओं को रोजगार देने और लंबित परीक्षाओं एवं भर्ती प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने की दिशा में गंभीरता से काम करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों और युवाओं की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो एसएफआई आंदोलन को और तेज करेगी।
उन्होंने बताया कि संगठन की ओर से 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच विधानसभा घेराव का आह्वान किया गया है। उन्होंने छात्रों और युवाओं से बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होने की अपील की। एसएफआई ने स्पष्ट किया कि फीस वृद्धि वापस लेने, रोजगार और लंबित परीक्षाओं के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
सोलन : फीस वृद्धि के खिलाफ एसएफआई का आंदोलन तेज, 31 अगस्त से विधानसभा घेराव की चेतावनी