सोलन: राज्यसभा चुनाव और उसके बाद पैदा हुई राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर सोलन में बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान भाजपा के पास बहुमत नहीं था और कांग्रेस के पक्ष में नंबर थे, लेकिन इसके बावजूद “खरीद-फरोख्त” और गैर-संवैधानिक तरीकों के जरिए लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की गई।नेगी ने कहा कि भाजपा ने पैसे और दबाव की राजनीति कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को चोट पहुंचाई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा केवल “टॉस” के सहारे बाजी मार गई, अन्यथा नैतिक रूप से उनकी कोई जीत नहीं थी।मंत्री ने भाजपा नेताओं और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर भी सीधा हमला करते हुए उन्हें “हिमाचल द्रोही” तक करार दिया। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश पर आपदा आई या जब रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट जैसे मुद्दों पर हिमाचल के अधिकारों की बात उठी, तब भाजपा नेता केंद्र के सामने प्रदेश का पक्ष रखने में पूरी तरह मौन रहे। भाजपा के “मित्रों द्वारा सरकार चलाने” वाले आरोपों पर पलटवार करते हुए नेगी ने कहा कि कांग्रेस के नेता किसी के मित्र नहीं, बल्कि संगठन में संघर्ष करके आगे बढ़े कार्यकर्ता हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यूनिवर्सल कार्टन के फैसले से बागवानों को सीधा लाभ हुआ है और बिचौलियों का धंधा बंद हुआ है, इसलिए भाजपा को यह फैसला रास नहीं आ रहा क्योंकि उनके संबंध बड़े उद्योगपतियों से जुड़े हैं।बागवानी मंत्री ने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि दूसरों की चिंता करने के बजाय उन्हें अपनी नीयत और प्रदेश के हितों पर ध्यान देना चाहिए।