नगर निगम बनने के बाद सोलन वासियों को 24 घंटे पानी सप्लाई के सुनहरे वादे किए गए थे, लेकिन आज हकीकत यह है कि शहर के कई वार्डों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि लोगों के घरों में पानी आए 10 से 11 दिन बीत चुके हैं। निवासी आक्रोशित हैं और कह रहे हैं कि ऐसा हाल तो उन इलाकों का भी नहीं है, जहां बादल फटते हैं। बुजुर्ग तो सबसे ज्यादा परेशान हैं। 70 वर्षीय एक नागरिक ने गुस्से में कहा हमसे तो पानी उठाया नहीं जाता, अगर कोई पिलाएगा तो पी लेंगे, नहीं तो प्यासे मरेंगे।सोलन शहर की महिलाओं ने रोष जताते हुए कहा कि 2 किलोमीटर दूर बावड़ियों से पानी ढोना पड़ रहा है। कई परिवार पानी खरीदने को मजबूर हैं, जिसके लिए 100 से 200 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। गली-मोहल्लों में टैंकर भी नहीं पहुंच पा रहे क्योंकि रास्ते बेहद तंग हैं।उन्होंने कहा कि वह हर साल हज़ारों रुपये बिल अदा कर रहे हैं उसके बावजूद निगम के नलों में पानी की एक बूंद तक नहीं है । उन्होंने कहा कि जब आईपीएच की मशीनें रात-दिन पानी भर रही हैं, तो सोलन के हक का पानी कहीं परवाणू? या कसौली? तो नहीं जा रहा है। या सिर्फ चुनिंदा वार्डों में सप्लाई किया जा रहा है ? लगातार बारिश के बावजूद पानी की यह किल्लत और भी चुभ रही है। महिलाओं ने कहा कि मेले के दिनों में भी इतनी परेशानी नहीं हुई थी जितनी आज हो रही है। उन्होंने मांग की और कहा कि रोज नहीं तो कम से कम हर तीसरे दिन पानी जरूर मिलना चाहिए बाइट महिलाएं