सोलन में पानी का संकट—स्वास्थ्य मंत्री ने मानी बड़ी चुनौती, स्थायी समाधान का वादा

सोलन

पेयजल संकट से जूझ रहे सोलन शहर में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने खुद स्वीकार किया है कि शहरवासियों को पानी की भारी किल्लत से जूझना पड़ रहा है और यह समस्या अब गंभीर चुनौती बन चुकी है।मंत्री ने कहा कि जल शक्ति विभाग दिन-रात प्रयास कर रहा है—अच्छे स्रोतों से पानी खींचा जा रहा है और जिन इलाकों में संकट चरम पर है, वहां टैंकरों से आपूर्ति हो रही है। लेकिन यह अस्थायी समाधान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थायी राहत के लिए आधुनिक फिल्ट्रेशन और लिफ्टिंग मशीनरी लगानी होगी, जिससे बड़े कणों को पानी में आने से पहले ही हटाया जा सके और पहाड़ों पर पानी चढ़ाने में आ रही दिक्कत खत्म हो सके।शांडिल ने कहा कि उनका ध्यान केवल समस्या गिनाने पर नहीं, बल्कि उसे जड़ से खत्म करने पर है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सोलन की आबादी हर साल लगभग 12% की दर से बढ़ रही है, जिससे पानी की मांग तेजी से बढ़ी है और मौजूदा ढांचा दबाव झेल नहीं पा रहा।उन्होंने स्वीकार किया कि हाल ही में हुई शिकायत निवारण समिति की बैठक में यह मुद्दा औपचारिक एजेंडे में नहीं था, लेकिन उन्होंने लोगों से अलग से चर्चा कर पूरी संवेदनशीलता के साथ उनकी बात सुनी है। मंत्री ने दोहराया कि पानी उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है और जल्द ही ऐसे कदम उठाए जाएंगे, जिससे सोलन के लोग इस पीने के पानी के संकट से स्थायी रूप से छुटकारा पा सकें।बाइट