भाजपा शहरी मंडल अध्यक्ष शैलेंद्र गुप्ता ने 1 फरवरी को संत रविदास जयंती के अवसर पर प्रस्तुत किए गए केंद्रीय बजट की सराहना करते हुए इसे ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री द्वारा पेश किया गया यह बजट किसी भी प्रकार की लोक-लुभावन घोषणाओं से दूर रहकर महिलाओं, युवाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय सहित सभी वर्गों के संतुलित विकास पर केंद्रित है।शैलेंद्र गुप्ता ने बजट और हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा रोडमैप तैयार किया है, जिसके तहत प्रशिक्षित टूरिस्ट गाइड्स तैयार किए जाएंगे। इससे प्रदेश की आर्थिकी को स्वाभाविक रूप से मजबूती मिलेगी। रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि 15वें वित्त आयोग ने पहले ही राज्यों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में यह निर्णय लिया था और यह केवल हिमाचल ही नहीं, बल्कि 17 राज्यों पर लागू है। उन्होंने प्रदेश में कर्ज लेकर खर्च चलाने की परंपरा की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि उत्तराखंड जैसे पड़ोसी राज्यों ने मितव्ययिता अपनाकर घाटा कम किया, जबकि हिमाचल का डेफिसिट 5.3 के करीब पहुंच गया है।प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए शैलेंद्र गुप्ता ने कहा कि वर्तमान सरकार ने वित्तीय घाटा कम करने के बजाय सीपीएस बनाकर और अपने करीबी लोगों को कैबिनेट रैंक देकर छोटे प्रदेश पर अनावश्यक बोझ डाला है। उन्होंने बताया कि इस बजट में डिविजिबल पूल के तहत हिमाचल के हिस्से में बढ़ोतरी हुई है, जिससे प्रदेश को करीब 2388 करोड़ रुपये का सीधा लाभ मिलेगा। अंत में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उस समय वित्तीय अनुशासन के जरिए न केवल घाटा कम किया गया, बल्कि बजट को सरप्लस भी बनाया गया। गुप्ता ने जोर देकर कहा कि प्रदेश अनुदानों से नहीं, बल्कि अनुशासन और दूरदर्शिता से आगे बढ़ते हैं।