हिमाचल प्रदेश के लिए जीवन रेखा माने जाने वाले कालका-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित चक्की मोड़ की बदहाली एक बार फिर चर्चा में है। यह वही स्थान है जहां हर बारिश के बाद भूस्खलन, सड़क धंसाव और मलबा गिरने की घटनाएं आम हो चुकी हैं। आज भी भारी बारिश के चलते मार्ग पर मलबा गिरने से आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया था । इसी को लेकर सोलन के प्रमुख व्यापारी विजय दुग्गल और विनय ने गहरी चिंता व्यक्त की है।
व्यापारी विजय दुग्गल और विजय खत्री ने कहा कि चक्की मोड़ कोई लिंक रोड नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा है, जहां रोज़ हजारों वाहन चलते हैं, जिनमें पर्यटक, एंबुलेंस और जरूरी आपूर्ति की गाड़ियाँ शामिल हैं। हर बार हल्की बारिश में भी जब सड़क धंस जाती है या भूस्खलन होता है, तो आम जनता की जान जोखिम में पड़ जाती है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया था, तब राज्यपाल ने मरम्मत का आश्वासन दिया था, लेकिन वह समाधान सिर्फ अस्थायी निकला। NHAI द्वारा आईआईटी रुड़की से परामर्श के बावजूद अब तक कोई स्थायी हल नहीं निकला है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि आईआईटी की सिफारिशों को त्वरित रूप से लागू किया जाए, ताकि इस मुख्य मार्ग को हर मौसम में सुगम और सुरक्षित बनाया जा सके। साथ ही भूस्खलन और मलबा गिरने की घटनाओं पर तत्काल रोक लगाने के ठोस उपाय किए जाएं।
बाइट व्यापारी विजय दुग्गल और विजय खत्री