मुख्यमंत्री ने टिक्करी में रखी दिव्यांगजनों के लिए सेंटर की नींव, राजस्व मामलों पर लिए सख्त फैसले

The Rs 200 crore project will begin its first phase by November; professor suspended in Dharamshala ragging case.

200 करोड़ की परियोजना, नवंबर तक शुरू होगा पहला चरण; धर्मशाला रैगिंग मामले में प्रोफेसर सस्पेंड

कंडाघाट (सोलन): मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को सोलन जिले के कंडाघाट उपमंडल स्थित टिक्करी में दिव्यांगजनों के लिए बनने वाले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की आधारशिला रखी। इस मौके पर उन्होंने 200 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना की जानकारी देते हुए राजस्व विभाग में लटके मामलों के निपटारे के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए। साथ ही धर्मशाला रैगिंग मामले में संबंधित प्रोफेसर को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड करने की घोषणा की।

विश्व स्तरीय होगा दिव्यांगजनों का केंद्र

मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस वर्ल्ड क्लास स्तर का होगा। इस पर 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजना का 30 फीसदी काम पूरा हो चुका है और चालू वर्ष नवंबर तक इसका पहला चरण शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह योजना समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

40 फीसदी से अधिक विकलांगता वाले बच्चों को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस केंद्र का लाभ विशेष रूप से उन बच्चों को मिलेगा जो 40 फीसदी से अधिक विकलांगता की श्रेणी में आते हैं। सरकार ने बच्चों के साथ रहने वाले परिवार के सदस्यों के लिए भी हॉस्टल की सुविधा का प्रावधान किया है। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि दिव्यांग बच्चों की देखभाल में कोई कमी न रहे।

तकसीम के मामलों पर कसा शिकंजा, तीन दिन तय

राजस्व विभाग में 15-20 साल से लटके तकसीम यानी जमीन बंटवारे के मामलों को लेकर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया है। कई लोग इन्हीं शिकायतों के साथ उनसे मिले थे। इसके समाधान के लिए अब अधिकारियों को हर सप्ताह तीन दिन – मंगलवार, बुधवार और वीरवार – तकसीम और अन्य राजस्व मामलों को देखने होंगे।

त्रिस्तरीय मॉनिटरिंग प्रणाली लागू

मामलों की निगरानी के लिए एक कड़ी मॉनिटरिंग प्रणाली तैयार की गई है। इसके तहत जिला उपायुक्त साप्ताहिक रिपोर्ट लेंगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व यह रिपोर्ट राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी को सौंपेंगे। महीने के अंतिम सोमवार को खुद मुख्यमंत्री पूरी रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे।

रिटायर्ड अधिकारियों को मिलेगा मौका

स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने सेवानिवृत्त अधिकारियों को दोबारा काम पर रखने का फैसला किया है। सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार के लिए 60 हजार रुपये और तहसीलदार के लिए 70 हजार रुपये मानदेय तय किया गया है। पटवारी और कानूनगो को भी निश्चित मानदेय पर रखने की अनुमति दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे गांव के लोगों को बार-बार चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

धर्मशाला रैगिंग मामले में प्रोफेसर सस्पेंड

धर्मशाला में सामने आए रैगिंग के मामले पर मुख्यमंत्री ने त्वरित कार्रवाई की घोषणा की। पीड़ित छात्रा के वीडियो बयान के आधार पर जिस प्रोफेसर का नाम लिया गया है, उन्हें तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। कॉल डिटेल के साथ पूरी जांच के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि इस मामले में जो भी शामिल होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नालागढ़ ब्लास्ट पर एनआईए कर रही जांच

नालागढ़ में हुए ब्लास्ट की जिम्मेदारी बब्बर खालसा द्वारा लिए जाने की मीडिया रिपोर्ट्स पर मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल एनआईए और एफएसएल की टीमें जांच कर रही हैं। सरकार पूरी तहकीकात कर रही है। एनआईए की रिपोर्ट आने के बाद ही इस पर आधिकारिक रूप से कुछ कहा जा सकेगा।

विपक्ष को दिया करारा जवाब

विपक्ष द्वारा सरकार पर “हिमाचल ऑन सेल” का आरोप लगाने पर मुख्यमंत्री ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि विपक्ष के पास कोई सबूत है तो वे उसे सामने लाएं। उन्होंने विपक्ष की आलोचना को निराधार बताया।

कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। मौके पर मंत्री, विधायक और अधिकारी मौजूद थे।

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