सोलन के मुरारी मार्केट स्थित दुर्गा माता मंदिर में माघ मास के अवसर पर मनाए जा रहे गुप्त नवरात्र का विशेष धार्मिक महत्व बताया गया। मंदिर के पुजारी मदन शर्मा ने श्रद्धालुओं को गुप्त नवरात्र से जुड़ी मान्यताओं और विधियों की जानकारी देते हुए बताया कि यह नवरात्र माघ शुक्ल द्वितीया तिथि से आरंभ हुए हैं। पुजारी मदन शर्मा ने बताया कि यद्यपि अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार नया वर्ष शुरू हो चुका है, लेकिन हिंदी पंचांग के अनुसार यह वर्ष का अंतिम नवरात्र होता है। इसके पश्चात चैत्र मास में हिंदू नव वर्ष के साथ चैत्र नवरात्र का शुभारंभ होता है। इसी कारण माघ मास के गुप्त नवरात्र का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। पुजारी मदन शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष में कुल चार नवरात्र होते हैं। इनमें चैत्र और शारदीय नवरात्र अधिक प्रचलित हैं, जबकि माघ और आषाढ़ मास में पड़ने वाली नवरात्रियों को गुप्त नवरात्र कहा जाता है। इन दिनों श्रद्धालु मां भवानी से अपनी मनोकामनाएं गुप्त रूप से प्रार्थना के माध्यम से रखते हैं।पुजारी मदन शर्मा ने यह भी बताया कि माघ मास में स्नान, दान और जप का विशेष महत्व होता है। अत्यधिक ठंड के कारण इस समय तिल मिश्रित जल से स्नान करने का विधान बताया गया है। गुप्त नवरात्र के दौरान भक्त विशेष पूजा-अर्चना, जप और साधना कर मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।