आज निगम के निदेशक मंडल की बैठक में वित्तीय वसूली और सामाजिक उत्थान के प्रयासों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान डॉ धनीराम शांडिल द्वारा निगम की ओर से ऋण वसूली की धीमी गति और बड़े डिफॉल्टर मामलों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
शांडिल ने बताया की वित्तीय वर्ष के दौरान अब तक लगभग 72 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है। निगम ने स्पष्ट किया कि वसूली प्रक्रिया में पारदर्शिता और सख्ती दोनों को अपनाया जा रहा है, ताकि गरीब वर्ग को राहत मिल सके, पर साथ ही यह संदेश भी जाए कि लिए गए ऋण को लौटाना प्रत्येक की जिम्मेदारी है। वर्तमान में लगभग 500 वसूली मामलों पर कार्रवाई चल रही है, जिनमें से कई में कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।
निगम का मुख्य उद्देश्य न केवल आर्थिक पुनर्प्राप्ति है, बल्कि समाज के कमजोर तबकों और महिलाओं को सशक्त बनाना भी है। लाभार्थियों को बच्चों की पढ़ाई, छोटे व्यापार और आत्मनिर्भरता से जुड़ी गतिविधियों के लिए ऋण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
डॉ. धनिराम शांडिल ने बताया कि निगम लगातार ऐसे रास्ते खोज रहा है जिनसे जरूरतमंदों की सहायता के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन भी सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि जो लोग ऋण का सदुपयोग कर अपने जीवन स्तर को बेहतर बना रहे हैं, उन्हें सम्मानित किया जाएगा ताकि वे दूसरों के लिए प्रेरणा बन सकें।बाइट डॉ धनीराम शांडिल