सोलन, 27 मई — बीते सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने सोलन के क्षेत्रीय अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, लेकिन इस औचक निरीक्षण पर अब सवाल खड़े हो गए हैं। भाजपा शहरी मंडल सोलन के अध्यक्ष शैलेन्द्र गुप्ता ने तीखा हमला करते हुए कहा कि यह निरीक्षण कम, ड्रामा अधिक था। शैलेन्द्र गुप्ता ने कहा कि जिस निरीक्षण की भनक अस्पताल प्रशासन को पहले से थी, उसमें औचक जैसा कुछ नहीं था। मंत्री के पहुंचने से पहले ही अस्पताल स्टाफ फूल-मालाएं लेकर खड़ा था। क्या इसे औचक निरीक्षण कहते हैं? गुप्ता ने तंज कसा। उन्होंने इस पूरे निरीक्षण को ‘लीपापोती की कोशिश’ करार दिया और कहा कि यह आम जनता की आंखों में धूल झोंकने जैसा है।सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि निरीक्षण के दौरान खुद मरीजों ने मंत्री के सामने अस्पताल की बदहाली का हाल बयां कर दिया। मरीजों ने बताया कि यहां सुविधाएं कम हैं, लेकिन भीड़ लगातार बढ़ रही है।शैलेन्द्र गुप्ता ने सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि “प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। अधिकारी बेलगाम हैं और मंत्री जी सत्ता के नशे में चूर हैं।” उन्होंने कहा कि जब डीजीपी और एसपी तक सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, तो आम आदमी की उम्मीदें कहां टिकें? भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि मंत्री का ध्यान स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने से ज्यादा इस बात पर है कि उनके बाद सोलन विधानसभा सीट पर कौन काबिज होगा। “मंत्री जी को जनता की नहीं, अपनी राजनीतिक विरासत की चिंता है, गुप्ता ने आरोप लगाया।byte शैलेन्द्र गुप्ता