सोलन: चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन जिले भर में मां दुर्गा के पंचम स्वरूप स्कंदमाता की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर सोलन स्थित प्रसिद्ध शूलिनी माता मंदिर में श्रद्धालुओं का आना लगातार जारी रहा। मंदिर परिसर में भक्ति का माहौल देखने को मिला और श्रद्धालु माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना करते नजर आए।
स्थानीय निवासी प्रियंका जैन ने बताया कि पंचमी के दिन कमल पर विराजमान स्कंदमाता की विशेष पूजा का महत्व है। चार भुजाओं वाली माता स्कंदमाता अपने पुत्र भगवान कार्तिकेय को गोद में धारण किए हुए सिंह पर सवार रहती हैं, जो ज्ञान, शक्ति और ममता का प्रतीक मानी जाती हैं।
उन्होंने बताया कि आज मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ सामान्य रही, जबकि मंगलवार होने के कारण अगले दिन भारी संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना है। नवरात्रि के दौरान मंदिर में विशेष पूजन, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।
प्रियंका जैन ने जानकारी दी कि इस वर्ष नवरात्रि के दिनों में कमी रही है, क्योंकि अष्टमी और नवमी एक ही दिन पड़ रही हैं, जिसके चलते 27 मार्च को नवरात्रि का समापन हो जाएगा।
शूलिनी माता मंदिर की प्रसिद्धि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यहां न केवल सोलन बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि माता के दरबार में आने से उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे मंदिर पहुंचकर माता के दर्शन करें और प्रसाद ग्रहण कर आशीर्वाद प्राप्त करें।
सोलन: नवरात्रि के पांचवें दिन स्कंदमाता की आराधना, शूलिनी माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़