नगर निगम सोलन के अंतर्गत राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (NULM) से जुड़ी स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं के सामने इन दिनों आजीविका का संकट गहरा गया है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की उपलब्धता में कमी और बढ़ती कीमतों ने उनके कामकाज को प्रभावित कर दिया है, जिससे उनका रोजमर्रा का जीवन भी प्रभावित हो रहा है।
लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की सदस्य आशा रानी ने बताया कि उन्हें सप्ताह के निर्धारित दिनों में स्टॉल लगाने की अनुमति मिली हुई है। वे शुक्रवार और शनिवार को चिलन पार्क के पास तथा बुधवार से शनिवार तक मुरारी मार्केट के सामने स्टॉल लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं। उनका कहना है कि उनकी पूरी आय इसी कार्य पर निर्भर है, लेकिन गैस सिलेंडर की समस्या ने उनके रोजगार पर संकट खड़ा कर दिया है।
उन्होंने बताया कि नियमों के अनुसार व्यावसायिक कार्यों में घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग प्रतिबंधित है और ऐसा करने पर जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, बड़े कमर्शियल सिलेंडर महंगे होने के साथ भारी भी होते हैं, जिन्हें ढोना महिलाओं के लिए कठिन है। ऐसे में 5 लीटर के छोटे कमर्शियल सिलेंडर उनके लिए सबसे उपयुक्त विकल्प हैं, लेकिन वर्तमान में ये भी उचित दर पर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
आशा रानी ने कहा कि सिलेंडर आपूर्ति से संबंधित टेंडर प्रक्रिया लंबित होने के कारण स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है, जिससे उनका कामकाज ठप पड़ने की कगार पर पहुंच गया है।
महिलाओं ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द छोटे कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि वे बिना किसी बाधा के अपना रोजगार जारी रख सकें और उनकी आजीविका सुरक्षित रह सके।