सोलन: जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) सोलन द्वारा ‘स्टार्टअप इकोसिस्टम’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें छोटे स्टार्टअप्स को सफल व्यवसायिक इकाई के रूप में विकसित करने पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को उनके नवाचारों को व्यावहारिक रूप देकर उन्हें सशक्त उद्यमी बनाना रहा।
उद्योग विभाग के अधिकारी डॉ. सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ-साथ इनक्यूबेशन प्राप्त कर चुके स्टार्टअप उद्यमियों ने भाग लिया। इस दौरान स्टार्टअप्स के समक्ष आ रही चुनौतियों और उनके समाधान पर विचार-विमर्श किया गया, ताकि विभिन्न विभागों के समन्वय से उन्हें बेहतर सहयोग प्रदान किया जा सके।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना के तहत अब तक 60 से 65 युवाओं को इनक्यूबेशन सेंटर में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य उनके व्यावसायिक विचारों को जमीन पर उतारकर उन्हें सफल उद्यम में परिवर्तित करना है।
कार्यशाला में यह भी बताया गया कि प्रदेश के युवा जल संरक्षण, मशरूम उत्पादन एवं प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा आईटी आधारित प्लेटफॉर्म जैसे ‘कैंप्समिला’ से जुड़े स्टार्टअप्स ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि सरकारी योजनाओं के माध्यम से उन्हें किस प्रकार सहायता मिली।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। डॉ. सुरेंद्र ठाकुर ने कहा कि विभाग का प्रयास रहेगा कि प्रशिक्षित स्टार्टअप्स को आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग मिलता रहे, ताकि वे सफल व्यवसाय स्थापित कर प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में योगदान दे सकें।
सोलन: डीआईसी सोलन की कार्यशाला में स्टार्टअप इकोसिस्टम पर मंथन, युवाओं को मिला व्यवसायिक मार्गदर्शन