सोलन के उपायुक्त कार्यालय में आज एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त (डीसी) मनमोहन शर्मा ने की। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तहत तैनात आपदा मित्रों को सशक्त बनाना और उन्हें आपातकालीन स्थितियों के लिए तैयार करना था।
डीसी मनमोहन शर्मा ने बताया कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जिले के विभिन्न गांवों में लगभग 300 आपदा मित्रों को नियुक्त किया है। ये आपदा मित्र किसी भी आपदा के समय गांव में फर्स्ट रिस्पॉन्ड’ (प्रथम उत्तरदाता) के रूप में कार्य करते हैं और समुदाय का नेतृत्व करते हैं। इन युवाओं की क्षमता निर्माण के लिए प्रशासन द्वारा उन्हें उचित प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
**प्रशिक्षण और बचाव कार्य पर जोर**
हाल ही में इन स्वयंसेवकों के लिए नौनी यूनिवर्सिटी में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जहाँ उन्हें आपदा के समय उनकी भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अलावा, आपदा मित्रों को मनाली स्थित अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान में भी प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था। वहां उन्हें विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने और गहरी खाइयों में गिरने वाली गाड़ियों से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने तथा आपसी समन्वय का प्रशिक्षण दिया गया।
**उपकरण और फर्स्ट एड किट का वितरण**
प्रशासन द्वारा आपदा मित्रों को पहले ही आवश्यक सुरक्षा उपकरण जैसे हेलमेट और इमरजेंसी लाइट प्रदान की जा चुकी हैं। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए आज के कार्यक्रम में उन्हें फर्स्ट एड किट (प्राथमिक उपचार किट) प्रदान की गई। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी दुर्घटना या आपदा की स्थिति में प्रभावित व्यक्ति को तुरंत प्राथमिक उपचार मिल सके और उसकी जान बचाई जा सके।