सोलन, 15 सितंबर। मुरारी मार्केट में चल रहे श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के तहत पंडित प्रेम शर्मा ने भागवत कथा का गहरा महत्व बताते हुए कहा कि भागवत से बढ़कर पितरों के प्रति कोई श्रद्धांजलि नहीं हो सकती। उन्होंने बताया कि यह अनुष्ठान 9 सितंबर से शुरू हुआ था और 16 सितंबर को पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगा।इस अवसर पर तारादन गुप्ता मुख्य यजमान के रूप में शामिल हैं, जो अपनी पत्नी की स्मृति में यह अनुष्ठान करवा रहे हैं। पंडित शर्मा ने कहा कि भागवत कथा मोक्ष प्रदायक है और कल अंतिम दिन भगवान स्वयं पितरों और यजमानों को आशीर्वाद देकर कृतार्थ करेंगे।पंडित प्रेम शर्मा ने परीक्षित महाराज के जीवन प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्हें सात दिन में मृत्यु का श्राप मिला था और तक्षक नाग के दंश से उनकी मृत्यु निश्चित थी। लेकिन भागवत कथा का श्रवण करने के कारण उनकी आत्मा परमात्मा में विलीन हो गई। पंडित शर्मा ने इसे इस तरह समझाया कि जैसे घड़ा फूटने पर उसमें का आकाश महाआकाश में मिल जाता है, वैसे ही जीवात्मा परमात्मा में लीन हो जाती है। उन्होंने बताया कल यानी 16 सितंबर को इस यज्ञ की पूर्णाहुति होगी, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में गहरी आस्था और उत्साह देखा जा रहा है।बाइट पंडित प्रेम शर्मा