हिमाचल प्रदेश। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया जिला कमेटी सोलन और एसएफआई डिग्री कॉलेज सोलन यूनिट ने आज सेरी पंचायत के कालाघाट क्षेत्र में पौधरोपण अभियान का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य न केवल पर्यावरण संरक्षण था, बल्कि पूंजीवादी नीतियों के विरोध में एक सशक्त संदेश देना भी था। इस मौके पर छात्रों ने दर्जनों पौधे लगाए और संकल्प लिया कि उनकी नियमित देखभाल करेंगे। एसएफआई नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी राजनीतिक रूपरेखा में आने वाले समय में भी पर्यावरण संरक्षण को प्रमुख मुद्दा बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जलवायु संकट के खिलाफ उग्र आंदोलनों और जनजागरूकता अभियानों को और तेज किया जाएगा। एसएफआई जिला सचिव रोहित प्रधान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश हाल ही में बाढ़ और आपदाओं की मार झेल चुका है। इन आपदाओं में कई लोग जान गंवा बैठे और भारी आर्थिक नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन से लड़ने का सबसे कारगर उपाय वृक्षारोपण है, जो न केवल ऑक्सीजन देता है, बल्कि मिट्टी संरक्षण और जल प्रबंधन में भी अहम भूमिका निभाता है।बाइट जिला सचिव रोहित प्रधान एसएफआई डिग्री कॉलेज सोलन यूनिट के अध्यक्ष साहिल जिंटा ने आरोप लगाया कि सरकारें बड़े पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए जंगलों की अंधाधुंध कटाई कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हाईवे, होटल और अन्य प्रोजेक्ट्स के नाम पर वनों का सफाया किया जा रहा है, जबकि आम जनता को इससे कोई लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने तेलंगाना का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां विश्वविद्यालयों के निर्माण के लिए भी जंगल काटे जा रहे हैं।बाइट सोलन यूनिट के अध्यक्ष साहिल जिंटा