नेशनल हाईवे निर्माण को लेकर क्षेत्र में सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दे लगातार सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार हाईवे का वर्तमान एलाइनमेंट न केवल असुरक्षित है बल्कि सड़क से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं भी पर्याप्त नहीं हैं। कई स्थानों पर सड़क की संरचना और योजना दोनों में गंभीर कमियां देखी जा रही हैं, जिनका सीधा प्रभाव आम जनता पर पड़ रहा है।
इसी विषय पर कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि हाईवे निर्माण के लिए तैयार की गई डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) बेहद त्रुटिपूर्ण थी। उन्होंने बताया कि उसी समय उन्होंने इस फौल्टी डीपीआर का विरोध किया था और विधानसभा में अपने सहयोगियों को भी इसके बारे में आगाह किया था।
उन्होंने कहा कि गलत डीपीआर के कारण सबसे बड़ा नुकसान यह हुआ कि ड्रेनेज सिस्टम कई ग्रामीणों के घरों के ऊपर से निकाला गया, जिससे अब स्थानीय लोगों को लगातार समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
विनोद सुल्तानपुरी ने यह भी कहा कि हाईवे का एलाइनमेंट पुराने मार्ग को ढकने की कोशिश के रूप में किया गया, जो तकनीकी दृष्टि से गलत था। साथ ही उन्होंने यह आरोप लगाया कि सड़क निर्माण करने वाली एजेंसियों में हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्यों में सड़क निर्माण का जरूरी अनुभव और “सूझबूझ” नहीं थी। यही वजह है कि आज क्षेत्रवासियों को इन गलतियों का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने सरकार और संबंधित विभागों से मांग की है कि हाईवे निर्माण में हुई तकनीकी खामियों की समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम तुरंत उठाए जाएं