सोलन में बरसात के मौसम में बीमारियों के फैलने की आशंका को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमित रंजन ने कहा है कि इस मौसम में वेक्टर-जनित और जल-जनित रोगों के मामले तेजी से बढ़ सकते हैं, इसलिए लोगों को सतर्कता बरतनी चाहिए। डॉ. रंजन ने बताया कि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियाँ मच्छरों के काटने से फैलती हैं। वर्तमान में तापमान और आर्द्रता का स्तर मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल बना हुआ है, जिससे बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में इन बीमारियों के फैलने का खतरा अधिक है। उन्होंने कहा कि स्क्रब टाइफस भी इस मौसम में सक्रिय हो जाती है, जो एक प्रकार की पिसू के काटने से फैलती है। यह बीमारी बुखार के साथ-साथ अंगों को प्रभावित कर सकती है। खासकर खेतों में काम करने वाले लोगों को सतर्क रहने और पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है ताकि पिस्सू के काटने से बचा जा सके।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमित रंजन ने बताया कि वहीं जल-जनित रोगों की बात करें तो वायरल हेपेटाइटिस ए और ई तथा डायरिया जैसे रोग दूषित पानी के सेवन से फैलते हैं। डॉ. रंजन ने नागरिकों को स्वच्छ और उबला हुआ पानी पीने की सलाह दी है, ताकि इन बीमारियों से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को बुखार, थकान, उल्टी, दस्त या किसी कीड़े के काटने का निशान दिखाई दे तो उसे नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी अस्पताल जाकर जांच कराएं। समय पर उपचार से गंभीर बीमारियों को रोका जा सकता है।
बाइट जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमित रंजन