सोलन, 8 अगस्त 2025 — सोलन में आयोजित री-केवाईसी जागरूकता शिविर में फर्जी खातों पर लगाम लगाने और लोगों को बैंकिंग सुरक्षा के प्रति सजग करने का संकल्प लिया गया। भारतीय रिज़र्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक अनुपम किशोर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और री-केवाईसी की अनिवार्यता व लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह देशव्यापी अभियान भारत सरकार और आरबीआई की संयुक्त पहल है, जिसका उद्देश्य हर ग्राम पंचायत तक पहुंचकर लोगों को जोड़ना और 2014 में खोले गए जनधन खातों का 10 साल बाद अपडेट करना है। शिविर में महिला स्वयं सहायता समूह की भागीदारी खास रही।
अनुपम किशोर और जिला परिषद अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने स्पष्ट किया कि री-केवाईसी पूरी होने पर केवल वास्तविक खाताधारक ही सिस्टम में रहेंगे, जबकि धोखेबाजों के खाते बंद कर दिए जाएंगे। इससे साइबर फ्रॉड के खतरे काफी हद तक घटेंगे और सरकारी योजनाओं के लाभ सीधे पात्र लोगों के खातों में पहुंचेंगे। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में आकर अपनी री-केवाईसी कराएं। उन्होंने सभी पंचायतों और नागरिकों से अपील की कि वे समय पर अपनी केवाईसी पूरी करें, ताकि बैंकिंग व्यवस्था सुरक्षित और पारदर्शी बनी रहे। उन्होंने बताया कि ये महिलाएं गांव-गांव जाकर लोगों की री-केवाईसी में मदद करेंगी। इसके लिए उन्हें बैंकों की ओर से विशेष स्कैनर दिए गए हैं, जिससे प्रक्रिया आसान और तेज होगी।
बाइट अनुपम किशोर और जिला परिषद अध्यक्ष रमेश ठाकुर