सोलन बायपास नेशनल हाईवे पर सड़क के बीच स्थापित लोहे की रेलिंग स्थानीय लोगों के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है। आवाजाही नियंत्रित करने के उद्देश्य से लगाई गई यह रेलिंग अब पैदल चलने वालों के लिए जोखिम का कारण बन गई है।
स्थानीय निवासी धर्मेंद्र ठाकुर ने बताया कि रेलिंग की ऊंचाई अधिक होने और सुरक्षित पारपथ (क्रॉसिंग) की व्यवस्था न होने के चलते लोग मजबूरी में इसे फांदकर या नीचे से निकलकर सड़क पार कर रहे हैं। यह स्थिति कभी भी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के मद्देनजर लगाई गई व्यवस्था ही अब लोगों की जान पर भारी पड़ रही है।
हाईवे के एक ओर से दूसरी ओर जाने के लिए लोगों को काफी लंबा चक्कर काटना पड़ता है। रोजमर्रा के कामकाज और जल्दबाजी के कारण कई लोग जोखिम उठाकर सीधे रेलिंग पार करने का प्रयास करते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। धर्मेंद्र ठाकुर के अनुसार, हाईवे पर पैदल यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द क्रॉसिंग ब्रिज या ओवरब्रिज का निर्माण किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जब तक ओवरब्रिज का निर्माण नहीं होता, तब तक रेलिंग के बीच उचित स्थान पर सुरक्षित मार्ग छोड़ा जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक जोखिम न उठाना पड़े।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मामले में शीघ्र कार्रवाई कर जनसुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है।