सलोगड़ा: प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए ग्राम पंचायत सलोगड़ा का प्राथमिक विद्यालय आज भी बदहाली की मार झेल रहा है। पिछले तीन से चार साल से स्कूल भवन का निर्माण कार्य ठप पड़ा हुआ है, जबकि भवन की जगह पर केवल 12 पिलर खड़े हैं। इस लापरवाही का सीधा असर 150 मासूम बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है, जो पिछले लंबे समय से मंदिर परिसर में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। आज ग्रामीणों ने उपायुक्त सोलन से मुलाकात कर गुहार लगाई कि स्कूल भवन का कार्य शीघ्र शुरू कराया जाए। उपायुक्त ने उन्हें मार्च 2026 तक काम शुरू करने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने कहा कि अब वे सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि अपने बच्चों के लिए एक पक्का और सुरक्षित स्कूल भवन देखना चाहते हैं।ग्राम पंचायत सलोगड़ा की प्रधान सरोज चौहान और परिजन रितु चौहान ने बताया कि स्कूल वर्तमान में एक ऐसे भवन में संचालित हो रहा है जहां सिर्फ दो कमरे हैं, जिनमें सभी बच्चों को बैठाया जाता है। यहां न खेल का मैदान है, न शौचालय और न ही कोई सुरक्षित स्थान। यह स्थिति बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। प्रधान सरोज चौहान और परिजन रितु चौहान ने भी अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि भवन न होने से बच्चों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है। जगह बार-बार बदलने से बच्चे न केवल असहज महसूस करते हैं, बल्कि पढ़ाई में मन भी नहीं लगा पा रहे। प्रधान चौहान ने बताया कि पहले भूमि विवाद के चलते काम रुका था, लेकिन अब भूमि वन विभाग से स्कूल के नाम कर दी गई है। बावजूद इसके, निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पाया।