हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार की ‘नारी सम्मान निधि’ को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल द्वारा सरकार पर महिलाओं को ठगने और बार-बार फॉर्म भरवाने के आरोपों पर कांग्रेस विधायक संजय अवस्थी ने कड़ा पलटवार किया है। अवस्थी ने बिंदल के बयानों को हताशा” का परिणाम बताते हुए उन्हें अपनी पार्टी के आंतरिक बिखराव पर ध्यान देने की नसीहत दी है। राजीव बिंदल ने आरोप लगाया था कि सरकार महिलाओं के साथ छल कर रही है, का जवाब देते हुए संजय अवस्थी ने कहा कि राजीव बिंदल के अंदर कहीं न कहीं हताशा छुपी हुई है। वो जबरदस्ती कोई न कोई बयान देकर सुर्ख़ियों में रहना चाहते हैं । उन्होंने बिंदल को याद दिलाया कि वे एक वरिष्ठ नेता और प्रदेश अध्यक्ष हैं, इसलिए उन्हें जिम्मेदारी समझते हुए ऐसी आधारहीन बयानबाजी से बचना चाहिए।गारंटियों को लेकर सरकार के बचाव में संजय अवस्थी ने तर्क दिया कि चुनाव पूर्व की गई घोषणाओं को पूरा करने के लिए सरकार के पास 5 साल का कार्यकाल होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी ने जो 10 कमिटमेंट किए थे, उनमें से ओपीएस और रोजगार सहित 7 पूरे कर लिए गए हैं। महिलाओं को 1500 रुपये देने के मुद्दे पर अवस्थी ने दो टूक कहा कि यह वादा भी पूरा किया जाएगा, लेकिन “समय अवधि राजीव बिंदल जी नहीं तय करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार के कार्यकाल के अभी 2 वर्ष शेष हैं और सभी वादे कार्यकाल के भीतर पूरे होंगे। बिंदल के हमलों का जवाब देते हुए अवस्थी ने भाजपा की आंतरिक राजनीति पर तीखा तंज कसा। उन्होंने बिंदल को नसीहत दी कि वे सरकार की चिंता करने के बजाय अपनी पार्टी को संभालें। अवस्थी ने दावा किया कि आज “भाजपा पांच गुटों में बंटी हुई है” और बिंदल को उसे इकट्ठा करने का प्रयास करना चाहिए, जो जिम्मेदारी उन्हें दी गई है।