सोलन में बेसहारा कुत्तों के मुद्दे पर 200 से अधिक जनहित याचिकाएं दायर, पशु प्रेमियों की मानवीय समाधान की मांग
शहर में बेसहारा कुत्तों से जुड़े मामलों को लेकर पशु प्रेमियों ने अपनी चिंताओं को लेकर विधिक प्रक्रिया का सहारा लिया है। इसी कड़ी में सोलन शहर से 200 से अधिक जनहित याचिकाएं दायर की गई हैं। पशु प्रेमियों का कहना है कि वे इस विषय में मानवीय, व्यावहारिक और दीर्घकालिक समाधान की आवश्यकता को लेकर अपनी बात संबंधित संवैधानिक मंच के समक्ष रखना चाहते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि पशु जन्म नियंत्रण , टीकाकरण और नियमित देखरेख जैसे उपाय दुनिया भर में अपनाए जा रहे हैं, जो दीर्घकालिक दृष्टिकोण से प्रभावी सिद्ध होते हैं। पशु प्रेमियों ने सरकार और संबंधित विभागों से अपील की कि वे नीति निर्माण के दौरान मानवीय, वैज्ञानिक और व्यावहारिक विकल्पों पर विचार करें।
अहसास संस्था की अध्यक्ष श्वेता डोभाल और संयोजक मोहित , बुशरा आहूजा ने बताया कि शहर के विभिन्न हिस्सों से पशु प्रेमी इस मुद्दे पर एकत्र हुए। उनका उद्देश्य बेसहारा पशुओं के कल्याण और समाज में संतुलन बनाए रखने से जुड़े पहलुओं पर ध्यान आकर्षित करना है। उन्होंने कहा कि पशुओं के कल्याण से संबंधित विषयों पर सभी हितधारकों की सहभागिता आवश्यक है।पशु प्रेमियों का कहना है कि अधिकांश मामलों में कुत्तों से जुड़ी घटनाएं स्वास्थ्य निरंतरता और देखभाल से संबंधित कारणों से सामने आती हैं। उनके अनुसार, केवल पशुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना स्थायी समाधान नहीं है।