सोलन जिले के स्कूलों में अब बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ मशरूम उत्पादन की जानकारी भी दी जाएगी। शिक्षा विभाग के ‘व्हाइट अम्ब्रेला’ प्रोजेक्ट के तहत स्कूलों में मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने की पहल शुरू की गई है। इस संबंध में डीएमआर सोलन के कार्यकारी निदेशक डॉक्टर ब्रिज लाल अत्रि ने बताया कि हाल ही में धर्मपुर, सोलन और कंडाघाट ब्लॉक के 24 शिक्षकों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वे अपने-अपने स्कूलों में उपलब्ध छोटे कमरों में ढींगरी मशरूम का उत्पादन शुरू कर सकें।
उन्होंने बताया कि ढींगरी मशरूम की खासियत यह है कि इसके लिए अलग से खाद तैयार करने की आवश्यकता नहीं होती, जिससे स्कूलों में इसका उत्पादन करना आसान है। आने वाले समय में कुनिहार, नालागढ़ और अर्की ब्लॉक के शिक्षकों को भी 25-30 के समूहों में प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि जिले के अधिक से अधिक स्कूल इस योजना से जुड़ सकें।इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में मिलने वाले मिड-डे मील में ताज़ा मशरूम को शामिल करना है, जिससे बच्चों में कुपोषण की समस्या को कम किया जा सके। डॉ. अत्रि ने बताया कि मशरूम एक पौष्टिक आहार है और यदि बच्चों को सप्ताह में दो से तीन बार इसका सेवन कराया जाए तो उनके शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सकता है
सोलन के स्कूलों में शुरू होगी मशरूम खेती: ‘व्हाइट अम्ब्रेला’ प्रोजेक्ट से बच्चों को मिलेगा पोषण और स्वरोजगार का मौका