सोलन । प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई मिल्क इंसेंटिव स्कीम से अब दूध उत्पादकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। इस योजना का शुभारंभ ऑनलाइन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य दुग्ध उत्पादक किसानों की आय में वृद्धि करना है।
योजना के तहत पात्र किसानों को प्रति लीटर 2 रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा की जाएगी। इसके लिए दूध में न्यूनतम 3 प्रतिशत फैट और 7 प्रतिशत एसएनएफ होना अनिवार्य है। इस मानक से कम दूध को नॉन-क्वालिफाइंग माना जाएगा। वर्तमान में अमृतधारा दालाघाट और गौ अमृत पपलोटा नामक दो सहकारी समितियां इस योजना से जुड़ी हैं, जिनसे लगभग 400 किसान नियमित रूप से दूध की आपूर्ति कर रहे हैं।
सहकारी समितियों को भी 2 रुपये प्रति लीटर फ्रेट सब्सिडी दी जा रही है ताकि दूरदराज के क्षेत्रों से दूध एकत्र करने में उन्हें राहत मिले। समितियां दूध को एकत्र कर दही, घी जैसे उत्पाद बनाकर बाजार में बेचती हैं।
भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है। एनआईसी हिमाचल द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर में हर माह दूध की रिपोर्ट दर्ज कर सत्यापन के बाद ट्रेजरी के माध्यम से राशि सीधे किसानों के खातों में भेजी जाती है। योजना से किसानों और सहकारी समितियों दोनों को लाभ होगा।byte vivek lamba