देहरा उपमंडल के अंतर्गत एनएच-503 पर ढलियारा के समीप बरवाड़ा में शुक्रवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। ज्वालामुखी से जालंधर जा रही सवारियों से भरी टैक्सी अचानक आग की लपटों में घिर गई और देखते ही देखते धूं-धूं कर जलकर राख बन गई। गनीमत रही कि चालक की सूझबूझ से टैक्सी में सवार एक बच्चे सहित सभी 9 यात्रियों ने समय रहते बाहर कूदकर जान बचा ली, वरना लापरवाही किसी बड़ी त्रासदी में बदल सकती थी। हालांकि यात्रियों का काफी सामान राख हो गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड देरी से पहुंची, अगर दमकल समय पर आ जाती तो शायद गाड़ी पूरी तरह न जलती। सवाल यह भी उठ रहा है कि मात्र दो साल पुरानी टैक्सी में आखिर अचानक आग कैसे लग गई? क्या वाहन फिटनेस, सर्विसिंग और सुरक्षा मानकों पर कोई निगरानी नहीं? हादसे के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन हर बार की तरह कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहकर जिम्मेदारी तय करनी होगी। प्रशासन ने राहत की सांस ली कि जनहानि नहीं हुई, मगर यह राहत तभी मायने रखेगी जब ऐसी घटनाओं पर रोक लगे।