सोलन शहर ने हाल ही में एक अत्यंत पवित्र और प्राचीन पूजा परंपरा का स्वागत किया, जो पहली बार महाराष्ट्र से हिमाचल प्रदेश पहुँची है। यह धार्मिक आयोजन सोलन के श्रीकृष्ण मंदिर में संपन्न हुआ, जिसने भक्तों के बीच गहरी श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बना दिया।
इस आयोजन के बारे में जानकारी देते हुए श्रीकृष्ण मंदिर के प्रधान ने बताया कि यह पूजा परंपरा महाराष्ट्र के जलिचाचा देव से संबंधित है और इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि लगभग 800 वर्ष पुरानी मानी जाती है। यह परंपरा जय कृष्णी पंथ से जुड़ी है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण, दत्तात्रेय प्रभुजी और चक्रधर स्वामी जी सहित पाँच अवतारों की पूजा की जाती है।
प्रधान ने बताया कि यह पवित्र पूजा महाराष्ट्र से आए गुरु अम्बेडकर बाबा जी द्वारा सोलन लाई गई। उन्होंने मंदिर में विधिवत पूजा संपन्न कराई और भक्तों को प्रसाद वितरित किया। इसके बाद वे चंडीगढ़ के लिए रवाना हुए।
भक्तों का मानना है कि इस पवित्र पूजा के आगमन से प्रदेश में व्याप्त संकटों और पीड़ाओं का अंत होगा तथा सोलन सहित पूरे हिमाचल में सुख-शांति का वातावरण बना रहेगा।