कुष्ठ रोग लाइलाज नहीं, समय पर जांच से बचें शारीरिक विकृति: सीएमओ

सोलन जिले में कुष्ठ रोग को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुष्ठ रोग (लेप्रोसी) पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है और समय पर पहचान व इलाज से इससे होने वाली शारीरिक विकृति से बचा जा सकता है।

सीएमओ ने बताया कि वर्तमान में सोलन जिले में कुष्ठ रोग के 32 सक्रिय मरीज हैं, जबकि राहत की बात यह है कि 18 मरीज इलाज पूरा कर स्वस्थ जीवन में लौट चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस बीमारी की पहचान त्वचा पर हल्के रंग के दाग और उस हिस्से में सुन्नपन से होती है। यदि किसी व्यक्ति को ऐसे लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवानी चाहिए।

उन्होंने जानकारी दी कि शुरुआती अवस्था में बीमारी का छह माह का कोर्स होता है, जबकि पुरानी स्थिति में बारह माह का इलाज जरूरी होता है, जिसके बाद मरीज पूरी तरह ठीक हो जाता है। समय पर उपचार से हाथ-पैरों में होने वाली विकृति को रोका जा सकता है।

सीएमओ ने समाज में फैली भ्रांतियों पर चिंता जताते हुए कहा कि कुष्ठ रोग भी अन्य बीमारियों की तरह है। यह लंबे समय तक संपर्क में रहने से फैलता है, केवल छूने से नहीं।

उन्होंने लोगों से अपील की कि डर या झिझक के कारण जांच से पीछे न हटें और कुष्ठ रोगियों के साथ भेदभाव न करें। वे भी समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्हें सम्मान व सहयोग की जरूरत है।

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