सोलन: हिमाचल प्रदेश के सोलन में अधिवक्ताओं ने एक मामले को लेकर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। अधिवक्ताओं का आरोप है कि जान के खतरे की आशंका के चलते एक अधिवक्ता ने पुलिस चौकी का रुख किया, लेकिन उन्हें वहां अपेक्षित सुरक्षा नहीं मिल पाई। अधिवक्ताओं का आरोप है कि घटना के दौरान पुलिस की ओर से पर्याप्त हस्तक्षेप नहीं किया गया और न ही तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराई गई। उनका यह भी कहना है कि घटना के बाद प्राथमिकी दर्ज करने में भी देरी हुई, जिससे आक्रोश बढ़ गया। इसी के विरोध में अधिवक्ताओं ने एकत्र होकर प्रदर्शन किया और मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। फिलहाल, पुलिस प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है, जबकि अधिवक्ता समुदाय इस मामले में शीघ्र कार्रवाई और स्पष्ट जवाब की प्रतीक्षा कर रहा है।
पीड़ित अधिवक्ता राजकुमार के अनुसार, उन्हें परिजनों से सूचना मिली थी कि उनके पीछे कुछ लोग लगे हुए हैं और उनकी सुरक्षा को लेकर खतरा हो सकता है। इस आशंका के बाद वे सुरक्षा की उम्मीद में सोलन स्थित स्कूल चौकी पहुंचे। अधिवक्ताओं का कहना है कि चौकी पहुंचने के बावजूद हालात नहीं संभाले जा सके और उनके साथी अधिवक्ता के साथ मारपीट की घटना हुई। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए डीएसपी अशोक चौहान ने कहा कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में आया है और पीड़ित का प्राथमिक मेडिकल परीक्षण करवा दिया गया है। उन्होंने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। चौकी परिसर में मारपीट और पुलिस की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों पर डीएसपी ने कहा कि सभी तथ्यों की जांच की जाएगी और यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।