सोलन: जिले में पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को डायरिया से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से 16 मार्च से 30 मार्च तक सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा। डायरिया एक सामान्य लेकिन गंभीर बीमारी है, जो मुख्य रूप से दूषित पानी, गंदगी और संक्रमण के कारण फैलती है। छोटे बच्चों में यह बीमारी तेजी से शरीर में पानी और जरूरी लवणों की कमी पैदा कर देती है, जिससे उनकी सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार समय पर उपचार और सही देखभाल से इस बीमारी से होने वाली जटिलताओं और मौतों को रोका जा सकता है। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की टीमें अभियान के दौरान उन सभी घरों में जाएंगी जहां पांच साल से कम उम्र के बच्चे हैं और वहां जिंक की गोलियां तथा ओआरएस के पैकेट वितरित किए जाएंगे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी अजय पाठक ने बताया कि छोटे बच्चों में डायरिया अक्सर वायरल संक्रमण के कारण होता है और इसका सबसे प्रभावी उपचार शरीर से निकले तरल पदार्थ की भरपाई करना है। इसके लिए ओआरएस का घोल काफी कारगर होता है। उन्होंने कहा कि डायरिया होने पर बच्चे का भोजन बंद करना गलत धारणा है, बल्कि बच्चे को हल्का और पौष्टिक भोजन देते रहना चाहिए। यदि ओआरएस उपलब्ध न हो तो घर पर नमक-चीनी का घोल या चावल का पानी भी दिया जा सकता है। उन्होंने लोगों से हाथों की साफ-सफाई बनाए रखने, स्वच्छ पानी पीने और ताजा भोजन का सेवन करने की अपील की तथा गर्मी के मौसम में बासी या दूषित भोजन से बचने की सलाह दी। यदि किसी क्षेत्र में डायरिया फैल रहा हो तो पानी को उबालकर ठंडा करके पीना सबसे सुरक्षित उपाय है।
सोलन में 16 से 30 मार्च तक सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा, पांच साल से कम बच्चों की सुरक्षा पर फोकस