सोलन: पेंशनर्स डे के मौके पर हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के पेंशनधारकों ने सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ गहरा रोष व्यक्त किया। सोलन में मीडिया को संबोधित करते हुए पेंशन कल्याण संगठन के प्रधान सुरेश ठाकुर और सचिव जगदीश ठाकुर ने सरकार पर पेंशनरों के साथ सौतेला व्यवहार करने और “बांटो और राज करो” नीति अपनाने का आरोप लगाया।सचिव जगदीश ठाकुर ने बताया कि 17 दिसंबर बीत जाने के बाद भी एचआरटीसी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन का नामोनिशान नहीं है। 65 वर्ष से ऊपर के पेंशनरों को तो भुगतान कर दिया गया है, लेकिन 58 से 65 वर्ष के बीच के लगभग 4,000 पेंशनरों को अब तक पेंशन जारी नहीं हुई। संगठन ने इसे सरकार द्वारा दिया गया “बांटो और राज करो” का तोहफा बताया।
प्रधान सुरेश ठाकुर और सचिव जगदीश ठाकुर ने यह भी बताया कि जनवरी 2022 से उनके मेडिकल बिल लंबित हैं, जिनकी कुल राशि लगभग 14 करोड़ रुपये हो चुकी है। मुख्यमंत्री द्वारा 12 अक्टूबर 2024 को 9 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा के बावजूद राशि अब तक नहीं मिली। वहीं अन्य विभागों के कर्मचारियों को 2016 के बाद के एरियर की 50,000 रुपये की किस्त मिल चुकी है, लेकिन एचआरटीसी पेंशनरों को कोई पैसा नहीं मिला।डीए (महंगाई भत्ता) न मिलने पर भी नाराजगी जताई गई। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रबंधन ने सौतेला व्यवहार जारी रखा, तो वे कड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। प्रधान सुरेश ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं एचआरटीसी पेंशन से जुड़े हैं, फिर भी पेंशनरों के साथ यह अन्याय हो रहा है।