उद्यान विभाग की उप निदेशक शिवाली ठाकुर ने प्रदेश के बागवानों को चेताया है कि वे अवैध रूप से बेचे जा रहे फलदार पौधों से दूरी बनाए रखें। उन्होंने कहा कि वर्तमान विंटर सीजन में खासकर सेब के पौधों का भारी मात्रा में बाहरी राज्यों से आयात हो रहा है। ऐसे में विभाग लगातार निगरानी कर रहा है ताकि अवैध पौधों की एंट्री राज्य में न हो सके। उन्होंने बागवानों से अपील की कि यदि कहीं अनाधिकृत तरीके से पौधों की बिक्री हो रही हो, तो तुरंत विभाग को सूचित करें। उन्होंने सख्त शब्दों में कहा कि किसी भी किसान-बागवान को अनाधिकृत व्यक्तियों से पौधे नहीं खरीदने चाहिए। ऐसा करने से भविष्य में बड़ा नुकसान हो सकता है, क्योंकि तीन से पाँच साल बाद जब पौधे फल देंगे, तो उनकी क्वालिटी या किस्म पूरी तरह अलग निकल सकती है। इसके साथ ही, ऐसे पौधों के साथ किसी बाहरी बीमारी या कीट के आने का भी खतरा रहता है, जो मौजूदा फसलों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।उप निदेशक शिवाली ठाकुर ने बताया कि विभाग से खरीदे गए पौधों पर पूर्ण वैज्ञानिक जांच की जाती है। आयातित मटेरियल को एक साल तक पीक्यू साइट में रखा जाता है, जहां वैज्ञानिक और अधिकारी यह सुनिश्चित करते हैं कि पौधों में किसी तरह की बीमारी या इंसेक्ट पेस्ट न हो। इसके बाद ही इन्हें किसानों को उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने आग्रह किया कि बागवान केवल विभाग की रजिस्टर्ड नर्सरी से ही पौधे प्राप्त करें। अवैध पौधों की खरीद, बिना जांच के एक अज्ञात खतरे को अपने खेत में लाने जैसा है, जो न केवल आपकी बल्कि आसपास की फसलों को भी प्रभावित कर सकता है।