सोलन: उप-निदेशक उच्च शिक्षा सोलन, गोपाल सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार स्कूलों के लिए दान की गई जमीन और भवन को लेकर कड़ा कानून लाने जा रही है। प्रस्तावित बिल के तहत यदि किसी व्यक्ति ने शिक्षा संस्थान के लिए भूमि या भवन दान किया है, तो वह भविष्य में उसे वापस नहीं मांग सकेगा। यदि कोई दानदाता जमीन वापसी के लिए आवेदन देता है, तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान भी किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि शिक्षा संस्थानों के विकास में किसी प्रकार की कानूनी बाधा न आए और स्कूलों को दीर्घकालिक स्थिरता मिल सके।
उन्होंने बताया कि योजना के पहले चरण में CBSE से संबद्ध स्कूलों और राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल को प्राथमिकता दी जा रही है। जिन स्कूलों के पास 20 से 50 बीघे तक भूमि उपलब्ध है, उन्हें भविष्य में जमीन की कमी नहीं होगी। इन स्कूलों के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए सरकार एक करोड़ रुपये तक की सहायता प्रदान कर रही है। छात्र संख्या अधिक होने पर स्कूल दो शिफ्टों में संचालित किए जाएंगे, ताकि 2000 से 5000 विद्यार्थियों को समायोजित किया जा सके।
हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला: अब स्कूल के लिए दान की गई जमीन वापस नहीं ले सकेंगे दानदाता, उल्लंघन पर सजा