प्रदेश भर में हो रही भारी बारिश ने सोलन जिले और विकास खंड सोलन की 37 पंचायतों में भारी तबाही मचा दी है। खंड विकास अधिकारी रमेश शर्मा ने बताया कि अब तक करीब 3 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। उन्होंने कहा कि यदि बारिश का दौर यूं ही जारी रहा तो यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। बारिश और भूस्खलन से सड़कें और इमारतें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। अभी तक लगभग 70 सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, कई जगहों पर भूस्खलन के कारण रास्ते बंद पड़े हैं। इन सड़कों को खोलने के लिए रिटेनिंग दीवारें और पुलियों के निर्माण की आवश्यकता है। केवल सड़कों को हुए नुकसान का अनुमान ही लगभग 1 करोड़ 70 लाख रुपये लगाया गया है, जबकि कई सामुदायिक भवन भी क्षति की चपेट में आए हैं।खंड विकास अधिकारी रमेश शर्मा ने यह भी जानकारी दी कि अब तक कुल 42 मकान क्षतिग्रस्त पाए गए हैं। इनमें से 14 मकान पूरी तरह ढह चुके हैं, जबकि 28 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस पूरी स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट उपायुक्त के माध्यम से प्रदेश सरकार को भेज दी गई है, जिसके बाद सरकार राहत या राहत कोष जारी करेगी। प्रभावित परिवारों की मदद के लिए पंचायत पदाधिकारी और प्रधान लगातार संपर्क में हैं। जिनके घर रहने योग्य नहीं बचे हैं, उन्हें सामुदायिक भवनों में अस्थायी रूप से ठहराया गया है और उनके खाने-पीने की पूरी व्यवस्था प्रशासन द्वारा की जा रही है। राहत और मरम्मत कार्यों को तेज करने के लिए सरकार ने मनरेगा नियमों में छूट दी है, जिससे भूमि विकास और मरम्मत जैसे कार्य तुरंत शुरू किए जा सकें। ग्राम पंचायतों से आने वाले ऐसे प्रस्ताव सीधे उपायुक्त को भेजे जाएंगे और स्वीकृति मिलते ही काम आरंभ हो जाएगा। शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि इस निर्णय से बहाली कार्यों में तेजी आएगी और प्रभावित लोगों को राहत मिलेगी।बाइट खंड विकास अधिकारी रमेश शर्मा