सोलन, 9 सितंबर। दयानंद आदर्श विद्यालय के जूनियर सेक्शन में आयोजित अंतर-सदनीय लोक नृत्य प्रतियोगिता बच्चों की प्रतिभा का रंगारंग प्रदर्शन बनकर सामने आई। इस मौके पर विद्यालय की प्रधानाचार्य उषा मित्तल पूरी तरह केंद्र में रहीं।कार्यक्रम की शुरुआत में ही प्रधानाचार्य ने सभी अभिभावकों और अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देना और उनमें आत्मविश्वास का विकास करना है।
प्रधानाचार्य उषा मित्तल ने मंच से कहा, नृत्य केवल कला नहीं, बल्कि मन की भावनाओं को दूसरों तक पहुँचाने का सबसे सुंदर माध्यम है। हमारे छात्र जिस आत्मविश्वास और जोश के साथ प्रस्तुतियां दे रहे हैं, वह वास्तव में सराहनीय है। उन्होंने गर्व के साथ यह भी बताया कि विद्यालय के शिक्षक उत्कृष्ट कोरियोग्राफर हैं और उनके मार्गदर्शन में बच्चों ने हिमाचली, गुजराती और राजस्थानी लोक नृत्यों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। प्रधानाचार्य ने प्रतियोगिता को वास्तव में अद्भुत करार देते हुए कहा कि छात्रों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से सबका दिल जीत लिया है। अंत में उन्होंने सभी छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को इस सफल आयोजन की बधाई दी और कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाती हैं।
बाइट प्रधानाचार्य उषा मित्तल