संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय किसान सभा के आह्वान पर हिमाचल किसान सभा ने आज सोलन में जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए डीसी सोलन के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने साफ शब्दों में कहा—कृषि को कॉर्पोरेट के शिकंजे से बचाना होगा, वरना देशव्यापी आंदोलन की आग फिर भड़क उठेगी।
सभा के सचिव अशोक वर्मा जिला कमेटी सदस्य राकेश कुमार और अन्य सदस्य ने कहा कि कृषि घाटे का सौदा बन चुकी है और कॉर्पोरेट घराने इस क्षेत्र पर कब्ज़ा जमाने की साजिश रच रहे हैं। गणेशम ने आरोप लगाया कि सरकारी नीतियों से देशी उपज आधारित कृषि बड़े पूंजीपतियों, विदेशी और घरेलू, दोनों के हवाले की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, उत्पादन लागत का डेढ़ गुना करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने और मंडियों की व्यवस्था में सुधार भी किया जाना चाहिए। उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को किसान विरोधी करार दिया । उन्होंने कहा कि यह समझौता अमेरिकी दबाव में हुआ है, जिससे प्रोसेस्ड फूड, डेयरी, फल-सब्जी के आयात बढ़ेंगे और भारतीय कृषि को करारा झटका लगेगा। इससे रोजगार घटेगा और कृषि-आधारित उद्योग तबाह होंगे।बाइट सचिव अशोक वर्मा जिला कमेटी सदस्य राकेश कुमार
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ किसान सड़कों पर उतरे कॉर्पोरेट के खिलाफ सोलन के किसान सड़कों पर, सरकार को दी चेतावनी