कसौली की राजनीति में तनाव तब और बढ़ गया जब पूर्व स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल ने कांग्रेस विधायक विनोद सुल्तानपुरी पर सीधे-सीधे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगा दिए। पूर्व मंत्री ने दावा किया कि विधायक के तीन वर्ष के कार्यकाल में कसौली में विकास नाम की कोई चीज़ नहीं हुई, बल्कि भ्रष्टाचार को एक संरक्षित ढांचा मिल गया। उन्होंने कहा कि जनता को लाभ पहुँचाने की बजाय सत्ता का इस्तेमाल चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाने में किया गया।राजीव सैजल के निशाने पर खासतौर पर परमाणु, धर्मपुर और सुल्तानपुर के नेताओ को लिया। जिनको उन्होंने भ्रष्टाचार की धुरी बताया। उन्होंने विधायक से तीखा सवाल किया कि आखिर ये तीन लोग कौन हैं—परवाणु , धर्मपुर और सुल्तानपुर के नेता कौन है जो कथित रूप से धारा 118 की परमिशनों में ‘विशेष अधिकार’ के साथ सक्रिय हैं। उनके अनुसार, इन तीनों को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है और यही वजह है कि धारा 118 अब ‘परमिशन इंडस्ट्री’ के रूप में विकसित हो गई है।पूर्व मंत्री ने कहा कि परवाणु, धर्मपुर और सुल्तानपुर से जुड़े इन नामों को लेकर पूरे कसौली क्षेत्र में चर्चाएं तेज हैं, और आरोप यह भी है कि इन लोगों ने सरकारी संरक्षण में जेसीबी व पोकलैन जैसी मशीनरी तक जुटा रखी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सड़कों का निर्माण वहां किया जा रहा है जहां बिल्डरों ने प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन ली है, और यह काम जनता की सुविधा के लिए नहीं बल्कि उन्हीं बिल्डरों को लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। सैजल ने कहा कि परवाणु, धर्मपुर और सुल्तानपुर के इन तीन लोगों के इर्द-गिर्द पूरे भ्रष्टाचार की परतें जुड़ी हैं और विधायक इनके माध्यम से सत्ता का उपयोग व दुरुपयोग कर रहे हैं। अब इस आरोप–प्रत्यारोप के बीच सबकी नजर विधायक की प्रतिक्रिया पर टिकी है।