सोलन। कृषि योजनाओं में पारदर्शिता लाने और किसानों को सरकारी लाभ सीधे उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से डिजिटल कृषि योजना के तहत किसानों का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। यह जानकारी कृषि विभाग सोलन के उप-निदेशक डॉ. देवराज कश्यप ने दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत किसानों का एक व्यापक डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिससे फसल बीमा, कृषि इनपुट सब्सिडी सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में भेजा जाएगा। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और किसान सीधे सरकार के डिजिटल पोर्टल से जुड़ सकेंगे।
डॉ. कश्यप ने बताया कि पिछले दो क्वार्टर में विभाग को 12 हजार किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य मिला था, जबकि अब तक 15,936 किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है और फिलहाल तीसरा चरण जारी है। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों से विशेष रूप से अपील की कि वे भी डिजिटल पोर्टल पर पुनः पंजीकरण अवश्य कराएं, अन्यथा अगली किस्त मिलने में दिक्कत आ सकती है। उप-निदेशक ने सभी किसानों से डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्रेशन में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि इससे भविष्य में विभागीय योजनाओं और फसल संबंधी जानकारी का सीधा और समय पर लाभ मिल सकेगा।