सोलन में नशा मुक्ति अभियान को मिली गति, इलाज और जागरूकता दोनों पर जोर: सीएमओ अजय पाठक

सोलन जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय पाठक ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से व्यापक जागरूकता अभियानों पर भी लगातार काम कर रहा है।

सीएमओ ने बताया कि जिले में निजी क्षेत्र के अंतर्गत 19 पुनर्वास केंद्र संचालित हैं, जिनमें कुल 518 बेड्स की सुविधा उपलब्ध है। इन केंद्रों में नशे की लत से पीड़ित व्यक्तियों को डिटॉक्स प्रक्रिया के बाद पुनर्वास के लिए रखा जाता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन पुनर्वास केंद्रों का वर्ष में दो बार निरीक्षण किया जाता है, ताकि सरकार द्वारा तय मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके और मरीजों के साथ मानवीय व्यवहार किया जाए।

निजी केंद्रों के अलावा एमएमयू मेडिकल कॉलेज में 30 बेड्स वाला ‘मेंटल हेल्थ एस्टैब्लिशमेंट’ भी स्थापित किया गया है, जहां मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारियों का इलाज किया जा रहा है। बद्दी में मनोचिकित्सक के माध्यम से डी-एडिक्शन सेवाएं दी जा रही हैं, जबकि आरएच सोलन और परमाणु में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट द्वारा काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध है। स्कूलों में काउंसलिंग सत्र और ‘एंटी चिट्टा अभियान’ के तहत हाल ही में 64 जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं, जिससे बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया गया।