सोलन अर्की विधानसभा क्षेत्र के दाड़लाघाट में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान कॉलेज की छात्राओं द्वारा नारेबाजी करने पर दर्ज हुए मुकदमे को लेकर क्षेत्र में तीव्र विरोध भड़क उठा है। इस कार्रवाई को लेकर लोगों में गहरा रोष है। भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजेंद्र ठाकुर ने सामने आकर इस एफआईआर को राजनीति से प्रेरित और गलत परंपरा” करार दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तबादले हुए, तो उनके विरुद्ध भी अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा। राजेंद्र ने सरकार से आग्रह किया कि छात्राओं पर कार्रवाई करने से पहले संविधान और कानून की मर्यादा का ध्यान रखा जाए।
भाजपा कार्यकारिणी सदस्य राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि छात्राओं ने किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि भूख और उपेक्षा के खिलाफ आवाज उठाई थी। बताया गया कि उन्हें कार्यक्रम में बिठाया तो गया, पर भोजन नहीं दिया गया, जिससे नाराज होकर उन्होंने नारे लगाए। इसके बावजूद उन पर अफवाह फैलाने और गैरकानूनी सभा करने जैसी धाराएं लगाई गईं। राजेंद्र ने सवाल उठाया है कि छात्राओं ने आखिर कौन सा अपराध किया है जो उन पर इतनी गंभीर धाराएं लगाई गईं? उनका कहना है कि इस मुकदमे से छात्राओं के करियर और भविष्य पर गहरा खतरा मंडरा रहा है। राजेंद्र ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि यदि बच्चों की आवाज उठाने पर एफआईआर दर्ज होगी, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक मिसाल बनेगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्राओं के परिजनों के तबादले के आदेश जारी किए जाने की चर्चाएं हैं। राजेंद्र ने मांग की कि एफआईआर को तुरंत रद्द कर सीआर बनाई जाए, अन्यथा तीन दिनों के भीतर माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर केस रद्द करवाने की कार्रवाई की जाएगी।
बाइट सदस्य राजेंद्र ठाकुर