हर पंचायत में डेयरी सहकारिता समिति बनेगी, दूध पर MSP से किसानों को सीधा लाभ: विवेक लांबा  

सोलन पशुपालन विभाग के उपनिदेशक विवेक लांबा ने बताया कि प्रदेश सरकार डेयरी क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए हर ग्राम पंचायत में डेयरी सहकारिता समितियों  के गठन पर जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि यह कदम भारत सरकार और प्रदेश सरकार की संयुक्त पहल है, जिसका उद्देश्य किसानों को बेहतर मूल्य उपलब्ध कराना और डेयरी को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाना है।लांबा ने जानकारी दी कि जिले की 240 ग्राम पंचायतों में से 110 में पहले से ही दूध एकत्र करने वाली सहकारी समितियां सक्रिय हैं, जबकि 130 पंचायतों में नई समितियों की आवश्यकता है। प्रथम चरण में 52 पंचायतों को चुना गया है, जहाँ प्रतिदिन 200 लीटर से अधिक दूध उत्पादन होता है। इनमें से 33 पंचायतों में समितियों का पंजीकरण कार्य शुरू हो चुका है और कुछ को प्रमाण पत्र भी जारी किए गए हैं।उपनिदेशक विवेक लांबा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने हाल ही में दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय किया है। इस योजना के तहत किसानों को समिति द्वारा दिए गए मूल्य और MSP के बीच का अंतर सीधे उनके बैंक खातों में सब्सिडी के रूप में दिया जाएगा। उदाहरण के लिए, गाय के दूध पर MSP 45 रुपये तय है, यदि समिति 40 रुपये देती है, तो शेष 5 रुपये किसान को सरकार की ओर से मिलेंगे। स प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिला स्तर पर एक डेयरी विकास सहकारी समिति गठित की गई है, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त करते हैं। उपनिदेशक ने कहा कि पहले चरण की सफलता के बाद अब 100 से 200 लीटर दूध उत्पादन वाली पंचायतों को भी योजना से जोड़ा जाएगा, ताकि अधिक से अधिक पशुपालक प्रत्यक्ष लाभ पा सकें।बाइट उपनिदेशक विवेक लांबा