हिमाचल प्रदेश — प्रदेश में जारी भारी बरसात के कारण किसानों की फसलों, खासकर टमाटर और शिमला मिर्च, पर बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। इस पर चिंता जताते हुए जिला कृषि अधिकारी डॉ. अरुण शर्मा ने किसानों और बागवानों को फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी सुझाव दिए हैं। डॉ. शर्मा ने बताया कि बरसात के मौसम में खेतों में पानी का जमाव बीमारी फैलने की सबसे बड़ी वजह बनता है, इसलिए पानी की सही निकासी सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। पौधों के पुराने और पीले पत्तों को खेत से हटाना, तथा सड़े या कीड़ों से खराब फलों को तुरंत नष्ट करना भी जरूरी है, ताकि रोग आगे न फैल सके।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. अरुण शर्मा ने कहा कि किसान विश्वविद्यालय द्वारा अनुशंसित कीटनाशकों का उचित मात्रा में प्रयोग करें और पौधों को स्वस्थ बनाए रखें, क्योंकि मजबूत पौधे लंबे समय तक बीमारियों का सामना कर सकते हैं। समय-समय पर सुरक्षात्मक स्प्रे करना और बीमारी की सही पहचान कर उपचार करना भी बेहद महत्वपूर्ण है। डॉ. शर्मा ने किसानों से न्यूनतम कीटनाशक और रासायनिक उर्वरक प्रयोग करने का आग्रह किया, साथ ही प्राकृतिक खेती अपनाने की सलाह दी। उनका कहना था कि इससे न केवल खेतों की सेहत बनी रहेगी, बल्कि किसान और उपभोक्ता दोनों स्वस्थ रहेंगे।
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