एनएचएआई के खिलाफ अनिरुद्ध सिंह की कार्रवाई पर कांग्रेस को फक्र, बताया जनहित की बहादुरी

शिमला। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह इन दिनों हिमाचल की राजनीति में जनता के नायक के रूप में सामने आए हैं। भट्टाकुफर में पांच मंजिला इमारत ढहने के बाद उन्होंने जिस साहसिक अंदाज़ में  एनएचएआई की लापरवाही को उजागर किया, उसने उन्हें आम लोगों की आवाज़ बना दिया है। उन्होंने न सिर्फ जनता की पीड़ा को खुलकर सामने रखा, बल्कि वर्षों से चुपचाप हो रहे शोषण और मनमानी पर करारा प्रहार किया।

कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता अमन सेठी और सचिव अरुण मेहता ने भाजपा द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें फक्र है कि अनिरुद्ध सिंह जैसा नेता कांग्रेस में है, जिसने बिना किसी भय के एनएचएआई के खिलाफ मोर्चा खोला।  उन्होंने कहा कि जब सिरमौर, सोलन और अन्य जिलों में एनएचएआई की लापरवाही से लोगों के घर उजड़ रहे थे, होटल-ढाबे ध्वस्त हो रहे थे, उस समय भाजपा नेता कहा थे ? उनकी संवेदनाएं कहाँ थी ? तब वह पीड़ितों के साथ खड़े क्यों नहीं हुए।  मगर आज जब अनिरुद्ध सिंह ने इन अधिकारियों की असलियत उजागर की, तो भाजपा एनएचएआई के साथ खड़ी हो गई। उन्हें साफ़ करना होगा कि वह प्रदेश की जनता के साथ है या दोषी एनएचएआई के अधिकारियों के साथ है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अनिरुद्ध सिंह ने आम लोगों की आवाज बनकर जो कदम उठाया, वह जनहित की बहादुरी है। भाजपा को उनसे सीख लेनी चाहिए, न कि उनकी नीयत पर सवाल उठाने चाहिए।बाइट  पूर्व प्रदेश प्रवक्ता अमन सेठी और सचिव अरुण मेहता